किसी को भी सीख मत दो
क्योंकि बाद में यही सीख
सीख की तरह चुभती हैं
चेहरे पर चेहरा ओढ़ना भी एक कला है
हर आदमी खुद जानता है कि वो कितना कमीना, कितना भला है