नाहिद के गाने पर अपना ईमान डिगा गए,
एक के बाद एक फतवे नए सुना गए।।
भाईचारे की फिर कर दी ऐसी की तैसी,
मुल्ले गानों को भी हिन्दू-मुसलमान बना गए।।
सुमित राठौर
चुटकी
देशभक्ति आपकी समय-समय पर तौलेंगे,
भले हों जुबां पर ताले, हम जरूर खोलेंगे।
वो भी दिन आएगा औबेसी जी...,
जब आप भी 'भारत माता की जय' बोलेंगे।।
सुमित राठौर