Saturday, June 24, 2017

चुटकी

चुटकी
चुनाव में वोटों की नई फसल काटेंगे,
सुना है कि जनता को 'खाट' बांटेंगे।
लुटिया डुबो दी देशभर में पार्टी की,
राहुल अब यूपी में भी दिमाग चाटेंगे।।
सुमित राठौर

चुटकी

चुटकी
यादवी कुनबे में ये फूट किसने डाली है,
देखो, चाचा की टोपी भतीजे ने उछाली है।
कठोर हो रहे हैं अब 'मुलायम' भी,
लगता है साईकिल पंक्चर होने वाली है।।
सुमित राठौर

चुटकी

चुटकी
राजनीती में ईमान गंवाना पड़ता है,
गिरगिटों की तरह रंग दिखाना पड़ता है।
आतंकी मरने वाला अगर हो मुस्लिम,
तो घड़ियाली आंसू भी लाना पड़ता है।।

चुटकी

आतंकी हमारे जांबाज़ सपूत लेते रहे,
हम पाकिस्तान को सिर्फ सबूत देते रहे।
सेना तो देना चाहती थी दुष्टों को जवाब,
लेकिन संसद में चुपचाप कपूत बैठे रहे।।
सुमित राठौर

चुटकी

चुटकी
उपवास हो गया खत्म,
अब सत्याग्रह की बारी है।
किसान बेचारा सोच रहा,
कुर्सी के लिए कितनी मारामारी है।
सुमित राठौर

चुटकी

 चुटकी
नया यूपी देख जनता सारी दंग हो गई,
मजनुओं की चाल भी अब ढंग हो गई।
वादा कर ऐसा निभाया  योगी जी ने,
बेचारे टुंडा की दुकान भी बंद हो गई।।
सुमित राठौर

Friday, March 25, 2016

चुटकी

ख़त्म हुई सत्ता की नूराकुश्ती जम्मू में,
भाजपा बैठेगी अब मेहबूबा के तम्बू में।

Monday, March 21, 2016

चुटकी

बड़ी मुश्किल से बेचारा जेल से छूटा है,
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी जी से रूठा है,
कमी बाकि है कन्हैया की देशभक्ति में
लगता है वकीलों ने कुछ कम कूटा है।।
सुमित राठौर

Friday, January 22, 2016

चुटकी


रोहित तुम जबसे फाँसी पर झूल गए,
कुछ घड़यालियों के सीने फूल गए।
दलित कहकर वोटबैंक नापा जाता है,
नेता हमारे मानवता भी भूल गए।।
सुमित राठौर

Thursday, January 21, 2016

गजल

गजल
उन्हें अपनी खूबसूरती पर ग़ुमान है,
क्योंकि मेरा दिल उन पर मेहरबान है।

कुछ लोगों के इशारे पर जला दी बस्ती
तेरे शहर का शख्स कितना नादान है।

अच्छा भला था जब रहता था मेरे साथ,
जब से नेता बना है तब से बेईमान है।

परिंदों की तरह हैं मेरे भी सपने,
मेरे सर भी तो आसमान है।

सुमित राठौर