Wednesday, March 14, 2018

चुटकी

सोनिया जी के डिनर पर नेता हुए इक्टठे,
कुछ थे काम केे, कुछ बिल्कुल ही निखट्ठे।
सत्ता पाने को स्वार्थ का निवाला गटका है,
सबके सब लालची और एक ही थाली के चट्टे।।
                               -सुमित राठौर

Wednesday, March 7, 2018

चुटकी

वोटों के लालची एकजुट हुए यूपी की माटी पर,
साईकिल वाला बैठेगा मायावती के हाथी पर।
चुनाव जीतने बाप गधे को भी बनाया जाएगा,
सब मिलकर मूंग दलेंगे योगी जी की छाती पर।।
                                 - सुमित राठौर

Sunday, March 4, 2018

शायरी

जिंदगी का अपनी हर ख्वाब दे दिया,
उनके हर सवाल का जवाब दे दिया।
बहुत सरल है गणित हमारी मोहब्ब्त का,
उसने जब भी मांगा मैंने हिसाब दे दिया।।
                       -सुमित राठौर

बुरा न मानो होली है

बुरा न मानो होली है...
चिदंबरम पर कसा शिकंजा,
बेटे की पोल खोली है...
बुरा न मानो होली है...(1)

खजाना भरा था हमने भरपूर,
सोचा अब तकलीफें होंगी दूर,
माल्या से नहीं लिया सबक,
नीरव भागा भरकर झोली है...
बुरा न मानो होली है...(2)

आये थे बदलने राजनीति को,
अपना बैठे पुरानी नीति को,
भरी बैठक में पीएस को पीटा,
ऐसी बेशर्म 'आप' की टोली है...
बुरा न मानो होली है...(3)

हमेशा कराते फिरते नुकसान,
भारत में हो या पाकिस्तान,
लांघ जाते मर्यादा हर बार,
बहुत सड़ी मणिशंकर की बोली है...
बुरा न मानो होली है...(4)

मेरी प्यारी मुस्लिम बहना,
तीन तलाक अब नहीं सहना,
जेल जाओगे अगर छोड़ा तो,
चिंता आपके शौहरों में घोली है...
बुरा न मानो होली है...(5)

अच्छे दिन का सपना दिखाकर,
आज बैठे हैं आंख चुराकर,
बेचना पकौड़ा भी है रोजगार,
उड़ाते मजाक, करते ठिठोली हैं...
बुरा न मानो होली है...(6)
                   - सुमित राठौर

Sunday, February 25, 2018

अर्ज़ किया है

कुछ ऐसे फैसला किया उसने मेरी तक़दीर का,
हिस्सा बना लिया मुझे भी अपनी तस्वीर का।

मोहब्बत से मुझे आज मालामाल कर दिया,
मुद्दतों से दिल लेकर घूम रहा था फकीर का।।
                                     -सुमित राठौर

Saturday, February 24, 2018

अर्ज किया है

झुर्रियों तक साथ देने का वादा था,
साथ जीने-मरने तक का इरादा था।
छोड़कर अकेला मुझे आज वो खुश हैं,
शायद! वादे में उनका हिस्सा आधा था।।
                          - सुमित राठौर

अर्ज किया है

आंखें कर बैठीं इज़हार, क्या करते,
दिल भी उलझा बेकार, क्या करते।
सारे इल्जाम हमने अपने सर ले लिये,
इससे ज्यादा उनसे प्यार, क्या करते।।
                         -सुमित राठौर

Sunday, December 17, 2017

चुटकी

समस्याओं पर हमारी कोई माथापच्ची नहीं,
वो चिल्लाने लगे हैं देखो ईवीएम सच्ची नहीं।
आज पड़े हैं वोट, नतीजा तो कल आएगा,
नेताओं! इतनी जल्दबाजी भी अच्छी नहीं।।
                                      - सुमित राठौर

चुटकी

मंदिर-मस्जिद छोड़ो, पहले प्यारा हिंदुस्तान बना दो,
बेरोजगारों को दुकान और गरीबों को मकान बना दो।
और है अगर ज़िद तुम्हारी मंदिर और उनकी मस्जिद बनाने की,
तो रुको! सबसे पहले कुछ श्मशान और कुछ कब्रिस्तान बना दो।।
                                                               -सुमित राठौर