Monday, February 26, 2018
Sunday, February 25, 2018
अर्ज़ किया है
कुछ ऐसे फैसला किया उसने मेरी तक़दीर का,
हिस्सा बना लिया मुझे भी अपनी तस्वीर का।
मोहब्बत से मुझे आज मालामाल कर दिया,
मुद्दतों से दिल लेकर घूम रहा था फकीर का।।
-सुमित राठौर
हिस्सा बना लिया मुझे भी अपनी तस्वीर का।
मोहब्बत से मुझे आज मालामाल कर दिया,
मुद्दतों से दिल लेकर घूम रहा था फकीर का।।
-सुमित राठौर
Saturday, February 24, 2018
अर्ज किया है
झुर्रियों तक साथ देने का वादा था,
साथ जीने-मरने तक का इरादा था।
छोड़कर अकेला मुझे आज वो खुश हैं,
शायद! वादे में उनका हिस्सा आधा था।।
- सुमित राठौर
साथ जीने-मरने तक का इरादा था।
छोड़कर अकेला मुझे आज वो खुश हैं,
शायद! वादे में उनका हिस्सा आधा था।।
- सुमित राठौर
अर्ज किया है
आंखें कर बैठीं इज़हार, क्या करते,
दिल भी उलझा बेकार, क्या करते।
सारे इल्जाम हमने अपने सर ले लिये,
इससे ज्यादा उनसे प्यार, क्या करते।।
-सुमित राठौर
दिल भी उलझा बेकार, क्या करते।
सारे इल्जाम हमने अपने सर ले लिये,
इससे ज्यादा उनसे प्यार, क्या करते।।
-सुमित राठौर
Sunday, December 17, 2017
चुटकी
समस्याओं पर हमारी कोई माथापच्ची नहीं,
वो चिल्लाने लगे हैं देखो ईवीएम सच्ची नहीं।
आज पड़े हैं वोट, नतीजा तो कल आएगा,
नेताओं! इतनी जल्दबाजी भी अच्छी नहीं।।
- सुमित राठौर
वो चिल्लाने लगे हैं देखो ईवीएम सच्ची नहीं।
आज पड़े हैं वोट, नतीजा तो कल आएगा,
नेताओं! इतनी जल्दबाजी भी अच्छी नहीं।।
- सुमित राठौर
चुटकी
मंदिर-मस्जिद छोड़ो, पहले प्यारा हिंदुस्तान बना दो,
बेरोजगारों को दुकान और गरीबों को मकान बना दो।
और है अगर ज़िद तुम्हारी मंदिर और उनकी मस्जिद बनाने की,
तो रुको! सबसे पहले कुछ श्मशान और कुछ कब्रिस्तान बना दो।।
-सुमित राठौर
बेरोजगारों को दुकान और गरीबों को मकान बना दो।
और है अगर ज़िद तुम्हारी मंदिर और उनकी मस्जिद बनाने की,
तो रुको! सबसे पहले कुछ श्मशान और कुछ कब्रिस्तान बना दो।।
-सुमित राठौर
Wednesday, October 25, 2017
Wednesday, October 18, 2017
चुटकी
संगीत ने कुछ बोला तो ताल बिगड़ गई,
देखते ही देखते सबकी चाल बिगड़ गई।
जो ओढ़ा फिरते थे देशभक्ति का चोला,
ताजमहल की बात पर खाल उधड़ गई।।
- सुमित राठौर
देखते ही देखते सबकी चाल बिगड़ गई।
जो ओढ़ा फिरते थे देशभक्ति का चोला,
ताजमहल की बात पर खाल उधड़ गई।।
- सुमित राठौर
Saturday, October 14, 2017
चुटकी
आरुषि-हेमराज किसने मारे,
सीबीआई अफसर बने बेचारे।
9 साल बाद का यही नतीजा,
वकालत से बरी हो गये सारे।।
सीबीआई अफसर बने बेचारे।
9 साल बाद का यही नतीजा,
वकालत से बरी हो गये सारे।।
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