Tuesday, March 4, 2014

अजीब बात

कितनी अजीब बात है-मैं समाज के लिए जीना चाहता हूं लेकिन समाज मुझे जीने नहीं देता।

  • सुमित 'सुजान', ग्वालियर

Thursday, November 7, 2013

चुटकी


  • मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को लेकर आजकल नेता काफी खुश हैं। उन्हें लग रहा है भ्रष्टाचार करने के लिए यह जगह काफी सुरक्षित रहेगी।
                            सुमित 'सुजान'
  •  चुनाव के समय नेताओं को सबसे ज्यादा याद डॉ. भीडराव अम्बेडकर जी की आती होगी। क्योंकि अम्बेडकर जी ने ही जनता को ऐसी ताकत दी जिसके कारण नेताओं को झुकना पड़ता है।
                            सुमित 'सुजान'
 
  • चुनाव के समय नेता पांच दिन में पूरा विधानसभा क्षेत्र घूम लेता है और पांच साल तक अपने घर में ही रहता है।

                        सुमित 'सुजान'
 
  • अच्छा हुआ मैं नेता नहीं हूँ वर्ना मुझे आदमी में आदमी नहीं, 'वोट' नज़र आता।

सुमित 'सुजान'
 
 
 
  • राहुल गांधी कह रह हैं-पूरी रोटी खाएंगे, कांग्रेस को जिताएंगे। राहुल गांधी सही कह रहे हैं क्योंकि कलमाड़ी, लालू प्रयाद यादव, जगन्नाथ मिश्रा, रशीद मसूद, ए.राजा, कनिमोझी जैसे कई नेता जेल में पूरी रोटी खा चुके हैं, कुछ तो अभी भी खा रहे हैं।
सुमित 'सुजान' 
 
  • एएसाआई की टीम ने जिंदगी भर कभी इतना काम नहीं किया होगा जितना की शोभन सरकार के सपने के कारण करना पड़ रहा है।
जय हो महाराज।
सुमित 'सुजान'
 
 
  • एक हजार टन सोने के चक्कर में जितनी नाक बाबा शोभन सरकार की कटी उससे कहीं अधिक नाक तो मीडिया ने अपनी कटवा ली।

सुमित 'सुजान'
 
 
 
  • 1000 टन सोना
  • उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के डौडियाखेड़ा गांव के शोभन सरकार बाबा की भविष्यवाणी से 1000 टन सोना मिले या न मिले लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह समाचार दिखाने पर मीडिया की इतनी कमाई तो हो गई है कि वह 1000 टन सोना खरीद सके।
जय हो शोभन सरकार....
सुमित 'सुजान'
 

Monday, October 7, 2013

सरकार



         चुनाव आ गए हैं। जिधर देखो उधर नेता अपना 'नेतापन' दिखा रहे हैं। जब कोई व्यक्ति बहुत-बहुत अच्छी बात करता है तो उसे अपनापन कहते हैं। बिल्कुल इसी तरह जब कोई नेता अच्छी बातें करता है तो वह 'नेतापन' कहलाता है। आइए आपको भी एक राजनीतिक सभा में ले चलते हैं। सभा चल रही है। नेता भाषण दे रहे हैं। आप जिस तरफ खड़े हैं, वहां पर लगा लाउडस्पीकर सीधे आपके कानों तक 'नेतापने' की बातें आप तक पहुंचा रहा है। जिंदाबाद, जिंदाबाद के नारे तो जैसे आफत लग रहे हैं। फिर भी क्या करें जब सभा में 'ट्रॉली' में भरकर लाए गए हैं तो सुनना भी मजबूरी है। 
          खैर अपने मुखरचंद जी की सभाओं में तो जमकर भीड़ जुटती है। आज भी ऐसा ही हुआ। भाषण देते हुए बोले- 'हम सत्ता में आ रहे हैं। पहले भी देश चलाया, आगे भी चलाएंगे।' बोले-'हमारे साथ रहोगे तो मजे करोगे मजे। हमने बहुत लोगों को मजे कराए हैं। कलमाड़ी को ही देख लो। आज करोड़ों में खेल रहा है। ए.राजा, कनिमोझी, नवीन जिंदल सभी ने सरकार में रहते खूब मजे किए। अब किस किस के नाम गिनाएं आपको। नाम गिनाएंगे तो सुबह हो जाएगी।'
        'हमारी पार्टी हमेशा से ही 'ए फ्रेंड इन नीड इज ए फ्रेंड इनडीड' पर विश्वास करती है। आप मुलायम सिंह को देख लो। परमाणु समझौते के वक्त उन्होंने हमारी सरकार बचाई, हमने उन्हें जांच एजेंसी से बचाया। 'माया' मैडम का भी कुछ ऐसा ही समझो। नहीं तो आज दोनों लालू यादव की तरह जेल में सजा काट रहे होते। भैया हमारी सरकार में तो हर कोई मजे करता है।' 
       'कुछ लोगों को हमारी ताकत का अंदाजा नहीं रहता। जिन्हें अंदाजा रहता है वह जानते हैं कि हम क्या-क्या करवा सकते हैं।' अण्णा हजारे और बाबा रामदेव यूं ही पंगा ले रहे हैं। क्या हो गया भूखे रहकर 'लोकपाल' आया ही नहीं। हमारी पहुंच विदेशों में भी है। साथ रहते तो काहे को लंदन हवाई अड्डे पर चैकिंग होती। यही काम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भी किया था। हमारी मैडम को प्रधानमंत्री बन जाने दिया होता तो किसी की क्या मजाल थी कि अमेरिका में कोई उनकी चेकिंग करता।'
        'देश में कितनी भी महंगाई क्यों न हो, हम आपको ऐश कराते रहेंगे। जब लोग हमारे साथ आते हैं तो उनके विदेशों में तक खाते खुल जाते हैं। पिछले सालों में आपने देख ही लिया ही होगा कि हमने सरकार का कोई ऐसा मंत्रालय नहीं छोड़ा है जिसमें कोई घोटाला न हुआ हो।' इसलिए आपसे अपील है कि हमारी सरकार को एक बार फिर सत्ता में लाएं और मौज मनाएं। जय हिन्द!

चुनाव आए हैं


सारे नेता अपनी गली लौट आए हैं
सुना है कि फिर से चुनाव आए हैं

जो चलते थे अब तक गर्दनें ऊंची कर
झुके हुए 'सर' आज हमने उनके पाए हैं

राजनीति में हो जाते हैं सब भले चंगे
नेताओं ने भी अपने पुत्र आजमाएं हैं

देकर दर्द दूर हो गए थे जो पहले
हाथों में आज मरहम लेके आए हैं

सारे नेता अपनी गली लौट आए हैं...
सुना है कि फिर से चुनाव आए हैं...

सुमित 'सुजान', ग्वालियर

Monday, September 2, 2013

गिरते रुपए को संभाला जाए


गिरते रुपए को संभाला जाए
फिर कोई उपाय निकाला जाए

बहुत दिन काट लिए गरीबी में
किसी गली से चुनाव निकाला जाए

नेता, बाबा, रुपया और भ्रष्टाचारी
गिरावट का इनकी हिसाब निकाला जाए

सुमित 'सुजान'

Friday, August 9, 2013

शहादत


दुनिया से जाने वाले दिलों में रहेंगे।
सिर्फ मौत नहीं हम शहादत कहेंगे,
सुलगते हुए कहते हैं हमारे ये दिल,
हम भी बदला कभी न कभी लेकर रहेंगे।।


सुमित 'सुजान'

गद्दार



गद्दार तो मौके की फिराक में था।
'शरीफ' बन गया वो, जो नकाब में था,
वह था कांटों की तरह हमारी राह में
जो दुनिया की नजरों में गुलाब में था।।


सुमित 'सुजान'

Tuesday, July 30, 2013

आज का विचार


दोस्तों मैंने भी एक सर्वे किया है। मेरे सर्वे के मुताबिक चुनाव समय से पहले हो जाएं या बाद में लुटना जनता को ही है।
सुमित 'सुजान'

Sunday, July 28, 2013

चुटकी




दिग्गी ने दिल का हाल कह दिया।
कुछ ने इसे बुरी चाल कह दिया,
कोई तो जीते इस बार चुनाव में,
इसलिए उन्हें 'टंच माल' कह दिया।।

सुमित 'सुजान'

Thursday, July 25, 2013

आज का विचार




सरकार ने दावा किया है कि देश में गरीबों की संख्या घट गई है। मैं इस बात को बिल्कुल सही मानता हूं। क्योंकि जीतने भी गरीब थे उनमें से अधिकतर लोग अब 'नेता' बन गए हैं।

                             सुमित 'सुजान'